सनातन धर्म और हिंदू धर्म में क्या अंतर?
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मूलतः दोनों एक ही हैं। 'सनातन धर्म' = मूल/प्राचीन नाम (शाश्वत धर्म)। 'हिंदू' = बाहरी लोगों (फारसी) द्वारा दिया भौगोलिक नाम (सिंधु→हिंदू)। वैदिक ग्रंथों में 'हिंदू' शब्द नहीं। सार में कोई अंतर नहीं।
- 1'सनातन' = शाश्वत, अनादि, सदा से विद्यमान। 'धर्म' = नैतिक/प्राकृतिक व्यवस्था।
- 2अर्थ: वह शाश्वत धर्म/व्यवस्था जो सदा से है, किसी ने स्थापित नहीं किया।
- 3कोई संस्थापक नहीं — कोई एक व्यक्ति, एक पुस्तक, एक तिथि नहीं।
- 4वैदिक साहित्य में इसे 'सनातन धर्म' या 'वैदिक धर्म' कहा गया है।
- 5'हिंदू' शब्द मूलतः भौगोलिक है — सिंधु नदी के पार रहने वालों को फारसियों ने 'हिंदू' कहा (फारसी में 'स' = 'ह')।
- 6यह नाम बाहरी लोगों (फारसी, अरब, ग्रीक) द्वारा दिया गया — वैदिक ग्रंथों में 'हिंदू' शब्द नहीं मिलता।
- 7मुगल काल और ब्रिटिश काल में 'हिंदू धर्म' (Hinduism) शब्द प्रचलित हुआ।
- 8सार में कोई अंतर नहीं — दोनों एक ही धर्म, परंपरा और दर्शन को संबोधित करते हैं।
- 9नाम का अंतर: 'सनातन' = स्व-घोषित, मूल नाम। 'हिंदू' = बाहरी लोगों द्वारा दिया गया नाम।
- 10कुछ विद्वान सनातन धर्म को व्यापक मानते हैं (जिसमें बौद्ध, जैन, सिख परंपराएँ भी समाहित हैं) जबकि हिंदू धर्म को संकुचित — पर यह विवादित दृष्टिकोण है।
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