सपनों का अर्थ कैसे जानें स्वप्न शास्त्र
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स्वप्न शास्त्र स्रोत: बृहत् संहिता, चरक संहिता, हरीत संहिता (स्वप्नाध्याय)। नियम: ब्रह्म मुहूर्त सपने सबसे सत्य; शुक्ल पक्ष प्रभावी; अधिकांश प्रतीकात्मक; व्यक्तिगत संदर्भ महत्वपूर्ण। आयुर्वेद: सपने = दोष संकेत। मनोविज्ञान: अवचेतन। सपनों पर अत्यधिक भय/निर्भरता अनुचित।
- 1बृहत् संहिता (वराहमिहिर, ~505 ई.) — सबसे प्राचीन उपलब्ध संहिता ग्रंथ; स्वप्न विभाग शामिल।
- 2चरक संहिता / सुश्रुत संहिता — आयुर्वेदिक ग्रंथ; स्वप्न को रोग निदान (purvarupa/prodromal sign) और दोष प्रकृति परीक्षण में प्रयुक्त।
- 3हरीत संहिता — 'स्वप्नाध्याय' नामक पूर्ण अध्याय स्वप्नों को समर्पित।
- 4भद्रबाहु संहिता — स्वप्न व्याख्या विभाग।
- 5स्वप्न विचार/स्वप्न विज्ञान — विभिन्न मध्यकालीन संकलन।
- 6समय महत्वपूर्ण:
- 7पक्ष (शुक्ल/कृष्ण):
- 8प्रतीकात्मक vs शाब्दिक:
- 9व्यक्तिगत संदर्भ:
- 10उल्टा नियम (लोक मान्यता):
- 11पुनरावृत्ति:
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स्वप्न शास्त्र
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