शिव पुराण के अनुसार धन का प्रबंधन कैसे करना चाहिए?
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शिव पुराण विद्येश्वर संहिता: न्यायपूर्वक अर्जित धन के तीन भाग: (1) धन वृद्धि/निवेश, (2) परिवार उपभोग, (3) दान/परमार्थ। साथ ही: क्रोध न करें और सदैव मधुर वचन बोलें।
- 1एक भाग धन वृद्धि (निवेश या व्यवसाय) के लिए
- 2दूसरा भाग अपने और परिवार के उपभोग के लिए
- 3तीसरा भाग धर्म-कर्म (दान, परमार्थ) के लिए व्यय करना चाहिए
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मंत्र और उपासना
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