शिव के किस मंत्र से रोग मुक्ति होती है?
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महामृत्युंजय मंत्र (ॐ त्र्यम्बकं यजामहे...) रोग मुक्ति का सर्वश्रेष्ठ शिव मंत्र है। यजुर्वेद और ऋग्वेद में वर्णित। शिव पुराण में 'मृत संजीवनी' कहा गया। 11,000 जप से रोग मुक्ति, सवा लाख जप से अकाल मृत्यु से रक्षा। रुद्राक्ष माला से ब्रह्म मुहूर्त में जप करें।
- 1शिव पुराण (सतीखण्ड) में इस मंत्र को 'सर्वोत्तम महामंत्र' और 'मृत संजीवनी' की संज्ञा दी गई है।
- 2भविष्य पुराण के अनुसार इसके जप से अच्छा स्वास्थ्य, दीर्घायु और समृद्धि प्राप्त होती है।
- 311,000 बार जप से रोगों से मुक्ति, 1,25,000 (सवा लाख) जप से अकाल मृत्यु से रक्षा का विधान है।
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