शिव व्रत रखकर यदि टूट जाए तो प्रायश्चित्त क्या है?
की चेकलिस्ट
क्षमा प्रार्थना + क्षमापन स्तोत्र। अगले सोमवार/शिवरात्रि पर व्रत। रुद्राभिषेक, 108 महामृत्युंजय, गरीबों को भोजन दान। व्रत भंग = पाप नहीं — शिव दंडित नहीं करते, भक्ति जारी रखें।
- 1शिव से मन ही मन क्षमा प्रार्थना — 'हे महादेव, मुझसे अज्ञानवश/अशक्तता से व्रत भंग हो गया, क्षमा करें।'
- 2'शिव अपराध क्षमापन स्तोत्र' का पाठ।
- 3टूटे व्रत की पूर्ति हेतु अगले सोमवार/शिवरात्रि पर व्रत रखें।
- 4यदि 16 सोमवार व्रत टूटा — कुछ परंपराओं में पुनः आरंभ, कुछ में छूटे व्रत की क्षतिपूर्ति।
- 5रुद्राभिषेक कराएं।
- 6108 बार महामृत्युंजय मंत्र जप।
- 7शिवलिंग पर दूध + गंगाजल अभिषेक।
- 8गरीबों को भोजन दान।
- 9ब्राह्मण भोजन कराएं।
- 10व्रत भंग = पाप नहीं — शिव दंडित नहीं करते।
- 11भक्ति भाव बनाए रखें — व्रत टूटने से शिव की कृपा समाप्त नहीं होती।
- 12अत्यधिक अपराध बोध से बचें।
- 13अगली बार अधिक सावधानी रखें।
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शिव पूजा नियम
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