शिवलिंग पर बेलपत्र क्यों चढ़ाते हैं?
की चेकलिस्ट
बेलपत्र की तीन पत्तियाँ त्रिदेव, त्रिनेत्र और त्रिगुण का प्रतीक हैं। शिव पुराण में 'त्रिजन्मपापसंहारं बिल्वपत्रं शिवार्पणम्' — बेलपत्र तीन जन्मों के पाप नष्ट करता है। एक शिकारी की अनजान पूजा से शिव प्रसन्न हुए — यह कथा बेलपत्र के महत्व को दर्शाती है।
- 1त्रिदल = त्रिदेव: तीन पत्तियाँ ब्रह्मा-विष्णु-महेश की प्रतीक
- 2त्रिदल = त्रिनेत्र: शिव के तीन नेत्रों का प्रतीक
- 3त्रिदल = त्रिगुण: सत्व, रज, तम — तीनों गुणों का समर्पण
- 4त्रिदल = त्रिकाल: भूत, वर्तमान, भविष्य शिव को अर्पण
- 5तीन पत्तियाँ जुड़ी हों — एकल पत्ती उचित नहीं
- 6खंडित (टूटी) बेलपत्र न चढ़ाएं
- 7डंठल ऊपर की ओर रखें (कुछ परंपराएं उल्टी पत्ती चढ़ाती हैं)
- 8शिवलिंग के ऊपर 21 बेलपत्र अर्पण विशेष शुभ
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