शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाने से क्या अतिरिक्त पुण्य मिलता है?
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शिव-गंगा का अभिन्न संबंध — गंगा शिव की जटा से निकलती हैं। गंगाजल से अभिषेक = सामान्य जल से कई गुना अधिक पुण्य। पापनाश, मोक्ष प्राप्ति, तीर्थ स्नान सम फल। कावड़ यात्रा का विशेष पुण्य। गंगाजल न हो तो सामान्य जल में कुछ बूंदें मिलाकर अभिषेक करें।
- 1गंगाजल तांबे या कांसे के पात्र में रखें।
- 2'ॐ गंगे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति। नर्मदे सिन्धु कावेरि जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु॥' मंत्र का जप करें।
- 3छोटी धारा में शिवलिंग पर अर्पित करें।
- 4गंगाजल उपलब्ध न हो तो सामान्य शुद्ध जल में गंगाजल की कुछ बूंदें मिलाकर भी अभिषेक कर सकते हैं।
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शिव पूजा विधि
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