शिवलिंग पर कितनी मात्रा में जल चढ़ाना उचित है?
की चेकलिस्ट
जल मात्रा: अविच्छिन्न धारा सर्वोत्तम। नित्य: 1-3 लोटा। मंदिर: 1-2 लीटर+। रुद्राभिषेक: निरंतर धारा। ठंडा जल (गर्म कभी नहीं)। गंगाजल श्रेष्ठ, कोई भी शुद्ध जल उचित। शिव = आशुतोष, श्रद्धापूर्वक एक अंजलि भी पर्याप्त।
- 1अविच्छिन्न धारा: शिव पुराण में अविच्छिन्न (बिना टूटी) जलधारा से अभिषेक सर्वोत्तम बताया गया है। धारा पतली और निरंतर बहती रहे।
- 2न्यूनतम: एक लोटा (अंजलि भर) जल से भी अभिषेक पर्याप्त है। शिव = आशुतोष — थोड़ा जल भी श्रद्धापूर्वक चढ़ाने से प्रसन्न।
- 3सावन में विशेष: सावन में शिवलिंग पर भरपूर जल चढ़ाने का विधान है — गंगाजल, दूध, पंचामृत।
- 4शिवरात्रि: चार प्रहर — प्रत्येक प्रहर में अलग-अलग पदार्थ से अभिषेक (जल, दूध, दही, घी/शहद)।
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शिव पूजा
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