शिवलिंग पर रात को पूजा करना शुभ है या अशुभ?
की चेकलिस्ट
रात्रि पूजा अत्यंत शुभ। महाशिवरात्रि: चार प्रहर रात्रि पूजा सर्वश्रेष्ठ (शिव पुराण)। प्रदोष काल (संध्या): शिव पूजा का श्रेष्ठ समय (स्कन्द पुराण)। शिव = महाकाल, समय से परे। प्रातःकाल नियमित पूजा, रात्रि विशेष अवसरों पर — दोनों शुभ।
- 1प्रथम प्रहर (6-9 रात): दूध से अभिषेक
- 2द्वितीय प्रहर (9-12 रात): दही से अभिषेक
- 3तृतीय प्रहर (12-3 रात): घी से अभिषेक
- 4चतुर्थ प्रहर (3-6 सुबह): शहद से अभिषेक
- 5प्रातःकाल (ब्रह्ममुहूर्त) — नियमित पूजा के लिए सर्वोत्तम
- 6सायंकाल (संध्या/प्रदोष काल) — अत्यंत शुभ
- 7रात्रि — शिवरात्रि, प्रदोष, विशेष अनुष्ठान में
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शिव पूजा विधि
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