श्रावण मास में सोमवार व्रत कैसे रखें, विधि सहित?
की चेकलिस्ट
सूर्योदय पूर्व स्नान → संकल्प → जलाभिषेक → पंचामृत → बेलपत्र → 108 जप → स्तोत्र → कर्पूर आरती। निराहार/फलाहार (अन्न-नमक वर्जित)। ब्रह्मचर्य। संध्या पूजा + कथा। सभी सोमवार व्रत — अधूरा अशुभ।
- 1सूर्योदय से पूर्व उठें, स्नान करें।
- 2शुद्ध वस्त्र (सफेद/पीला) पहनें।
- 3संकल्प लें: 'मैं भगवान शिव की प्रसन्नता और कल्याण हेतु सावन सोमवार का व्रत रखता/रखती हूं।'
- 4शिवलिंग पर गंगाजल/शुद्ध जल से जलाभिषेक।
- 5पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) से अभिषेक।
- 6चंदन त्रिपुंड लगाएं।
- 7बेलपत्र, धतूरा, आंकड़े के फूल, श्वेत पुष्प अर्पित करें।
- 8अक्षत, जनेऊ, कलावा चढ़ाएं।
- 9'ॐ नमः शिवाय' 108 बार जप (रुद्राक्ष माला)।
- 10शिव चालीसा/शिव स्तोत्र पाठ।
- 11घी का दीपक + कर्पूर आरती।
- 12आहार: निराहार (सर्वोत्तम) या फलाहार — फल, दूध, साबूदाना, कुट्टू, सिंघाड़ा, मखाना। अन्न (चावल, गेहूं, दाल), नमक, प्याज-लहसुन वर्जित।
- 13ब्रह्मचर्य: व्रत के दिन ब्रह्मचर्य पालन।
- 14संयम: कम बोलना, सत्य बोलना, क्रोध से बचना।
- 15सायंकाल पुनः शिव पूजा करें।
- 16सोमवार व्रत कथा का श्रवण/पाठ करें।
- 17आरती करें।
- 18संध्या पूजा और आरती के बाद फलाहार ग्रहण करें।
- 19या अगले दिन मंगलवार प्रातः सात्विक भोजन करें।
- 20सावन के सभी 4-5 सोमवारों का व्रत रखें — अधूरा संकल्प अशुभ।
- 21पहले सोमवार से अंतिम तक क्रम न टूटे।
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