संध्या वंदन कितनी उम्र से शुरू करनी चाहिए?
की चेकलिस्ट
संध्या वंदन: उपनयन संस्कार से। आयु: ब्राह्मण 5-8 वर्ष, क्षत्रिय 6-11, वैश्य 8-12 (मनुस्मृति)। उपनयन दिवस = गायत्री उपदेश = संध्या आरम्भ। वर्तमान: 7-12 वर्ष। बिना उपनयन = ॐ/भगवन्नाम जप कर सकते हैं।
- 1ब्राह्मण: 5-8 वर्ष (उत्तम), अधिकतम 16 वर्ष।
- 2क्षत्रिय: 6-11 वर्ष (उत्तम), अधिकतम 22 वर्ष।
- 3वैश्य: 8-12 वर्ष (उत्तम), अधिकतम 24 वर्ष।
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श्रेणी
वैदिक कर्मकांड
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