तांत्रिक साधना में मद्य का प्रयोग किस उद्देश्य से होता है?
की चेकलिस्ट
वास्तविक (वाम): आनंद/ब्रह्मानंद — दीक्षित तांत्रिक। प्रतीकात्मक (दक्षिण/कुलार्णव/महानिर्वाण): 'ज्ञान अमृत' — सुषुम्ना अमृत = सोम रस। सामान्य = प्रतीकात्मक। वाम = गोपनीय।
- 1मदिरा = आनंद/उन्माद — 'ब्रह्मानंद' अनुभव का प्रतीक।
- 2सीमित मात्रा — 'मदोन्मत्त' नहीं, 'ब्रह्मानंद' अनुभव हेतु।
- 3केवल विशिष्ट तांत्रिक अनुष्ठान — दैनिक नहीं।
- 4मद्य = 'ज्ञान अमृत' — सुषुम्ना से बहने वाला अमृत = सोम रस।
- 5कुंडलिनी → सहस्रार → अमृत = यही 'मद्य'। शराब नहीं!
- 6महानिर्वाण तंत्र: प्रतीकात्मक अर्थ प्रधान।
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तंत्र पंचमकार
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