तंत्र साधना में दीक्षा क्यों जरूरी है?
की चेकलिस्ट
कुलार्णव: तंत्र में बिना दीक्षा साधना व्यर्थ। छह कारण: तांत्रिक मंत्र = बंद कुंजी (दीक्षा से खुलती), शक्ति-संचार (गुरु की सिद्ध-शक्ति), वंश-शक्ति (परंपरा-धारा), अधिकार-प्रदान, रक्षा-कवच, मानसिक स्वास्थ्य। दीक्षा के पाँच प्रकार: क्रिया, स्पर्श, दृक्, मानस, शक्तिपात।
- 1क्रिया-दीक्षा — कर्मकांड के माध्यम से
- 2स्पर्श-दीक्षा — स्पर्श से शक्ति-संचार
- 3दृक्-दीक्षा — दृष्टि से (उन्नत गुरु)
- 4मानस-दीक्षा — मन से (सर्वोच्च गुरु)
- 5शक्तिपात-दीक्षा — सर्वोच्च — तत्काल जागरण
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