उज्जैन (अवन्तिका) और काशी स्थित महाकालेश्वर शिवलिंग में क्या समानता और अंतर है?
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उज्जैन का महाकालेश्वर 'स्वयंभू ज्योतिर्लिंग' और दक्षिणमुखी है, जबकि काशी का महाकालेश्वर शिवगण 'महाकाल' द्वारा स्थापित 'सिद्ध लिंग' और पूर्वमुखी है। शास्त्रों के अनुसार दोनों की शक्ति और फल सर्वथा समतुल्य हैं।
- 1उत्पत्ति: उज्जैन का महाकालेश्वर एक 'स्वयंभू ज्योतिर्लिंग' है जहाँ शिव स्वयं अग्नि स्तंभ रूप में प्रकट हुए। वहीं, काशी का महाकालेश्वर एक 'सिद्ध लिंग' है, जिसे शिव के परम गण 'महाकाल' ने स्थापित किया है।
- 2दिशा विन्यास: उज्जैन का लिंग पूर्णतः दक्षिणमुखी (मृत्यु की दिशा की ओर) है, जबकि काशी का लिंग दक्षेश्वर लिंग के पूर्व में स्थापित है।
- 3शास्त्र संदर्भ: उज्जैन का वर्णन शिव पुराण (कोटिरुद्र संहिता) और स्कंद पुराण (अवंतिका खंड) में है, जबकि काशी महाकालेश्वर का वर्णन स्कंद पुराण (काशी खंड) में है।
- 4विशिष्टता: उज्जैन में भस्म आरती और शाही सवारी प्रमुख है। काशी में महामृत्युंजय जप, धन्वंतरि कूप का औषधीय जल और अघोर साधना पीठ की प्रधानता है।
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