उज्जैन महाकालेश्वर की भस्म आरती का रहस्य क्या है?
की चेकलिस्ट
12 ज्योतिर्लिंगों में केवल महाकालेश्वर में भस्म आरती। सुबह 4 बजे, ~2 घंटे। पौराणिक: दूषण राक्षस भस्म → शिव श्रृंगार। प्राचीन: श्मशान भस्म; वर्तमान: गाय गोबर + 6 वृक्ष लकड़ी। अघोर मंत्र से भस्म रमाना। निराकार दर्शन = मोक्ष। 6 दैनिक आरतियां।
- 1सुबह 4 बजे गर्भगृह के पट खुलते हैं।
- 2शिवलिंग का जलाभिषेक।
- 3भस्म से शिवलिंग का सम्पूर्ण श्रृंगार।
- 4शिवलिंग पर शिव का मुख (चेहरा) बनाया जाता है।
- 5अघोर मंत्र से भस्म रमाई जाती है।
- 6आरती लगभग 2 घंटे चलती है।
- 7केवल मंदिर के निर्धारित पुजारी ही गर्भगृह में प्रवेश कर सकते हैं।
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शिव मंदिर
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