यंत्र की प्राण प्रतिष्ठा कैसे की जाती है?
की चेकलिस्ट
प्राण प्रतिष्ठा = यंत्र में देवता प्राण स्थापना। विधि: शुभ मुहूर्त → गंगाजल/पंचामृत शुद्धि → षोडशोपचार → प्राण प्रतिष्ठा मंत्र → देवता मंत्र 108 → हवन → आरती। विद्वान पंडित/गुरु से। प्रतिदिन पूजा अनिवार्य।
- 1शुभ मुहूर्त: पंचांग देखकर शुभ तिथि/नक्षत्र।
- 2शुद्धि: यंत्र को गंगाजल + पंचामृत + दूध से स्नान।
- 3वस्त्र: लाल/पीले शुद्ध वस्त्र पर स्थापित।
- 4पंचोपचार/षोडशोपचार पूजा: गंध, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य।
- 5प्राण प्रतिष्ठा मंत्र: 'ॐ आं ह्रीं क्रों...प्राणान् प्रतिष्ठापयामि' — प्राण स्थापना।
- 6देवता मंत्र जप: सम्बंधित देवता का मूल मंत्र 108 बार।
- 7हवन: घी + तिल + हवन सामग्री + मंत्र।
- 8आरती और प्रसाद वितरण।
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तंत्र शास्त्र
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