ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
टैग

त्रयोदशी से जुड़े सभी प्रश्न(43)

त्रयोदशी पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 43 प्रश्न उपलब्ध हैं।

लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में गया का क्या महत्व है?

यह गया श्राद्ध जैसा फल देता है।

#गया#गजाच्छाया#त्रयोदशी
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध से पितर कब तक तृप्त रहते हैं?

अनन्त काल तक तृप्ति बताई गई है।

#पितृ तृप्ति#मधु पायस#त्रयोदशी
लोक

महालय में पुत्रवता निषेध लागू होता है क्या?

नहीं, महालय में लागू नहीं।

#महालय#पुत्रवता निषेध#त्रयोदशी
लोक

पुत्रवान के लिए त्रयोदशी श्राद्ध कब वर्जित है?

सामान्य काम्य श्राद्ध में।

#पुत्रवान#काम्य श्राद्ध#त्रयोदशी
लोक

पुत्रवता निषेध क्या है?

पुत्रवान के सामान्य काम्य श्राद्ध का निषेध।

#पुत्रवता निषेध#त्रयोदशी#श्राद्ध प्रकाश
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में पंचबलि क्या है?

पांच अंशों को अन्न अर्पण।

#पंचबलि#श्राद्ध विधि#त्रयोदशी
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में देव तर्पण कैसे करें?

पूर्वमुख होकर।

#देव तर्पण#पूर्व मुख#त्रयोदशी
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में उपवास क्यों?

शुद्धता और संयम के लिए।

#उपवास#श्राद्धकर्ता#त्रयोदशी
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध शाम को कर सकते हैं क्या?

नहीं, शाम को श्राद्ध वर्जित है।

#शाम श्राद्ध#सायंकाल#त्रयोदशी
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध सुबह कर सकते हैं क्या?

नहीं, अपराह्न काल श्रेष्ठ है।

#सुबह श्राद्ध#त्रयोदशी#निषेध
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में रोहिण मुहूर्त क्या है?

कुतप के बाद का शुभ श्राद्ध काल।

#रोहिण मुहूर्त#त्रयोदशी#श्राद्ध समय
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में कुतप मुहूर्त क्या है?

श्राद्ध का श्रेष्ठ पितृ काल।

#कुतप#मुहूर्त#त्रयोदशी
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में योगी को भोजन कराने का फल क्या है?

हजार ब्राह्मण भोजन से भी श्रेष्ठ।

#योगी भोजन#त्रयोदशी#विष्णु पुराण
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध से ब्रह्मांड कैसे संतुलित होता है?

यह देव-पितृ शक्तियों को संतुष्ट करता है।

#ब्रह्मांड संतुलन#और्व#त्रयोदशी
लोक

त्रयोदशी पर तिल जल का क्या फल है?

हजार वर्षों के श्राद्ध जैसा पुण्य।

#तिल जल#त्रयोदशी#श्राद्ध फल
लोक

सनत्कुमार ने त्रयोदशी के बारे में क्या कहा?

त्रयोदशी को अनंत पुण्यदायी कहा।

#सनत्कुमार#त्रयोदशी#तिल जल
लोक

विष्णु पुराण में त्रयोदशी श्राद्ध क्या बताता है?

त्रयोदशी अनंत पुण्यदायी बताई गई है।

#विष्णु पुराण#त्रयोदशी#पुरूरवा
लोक

गरुड़ पुराण में त्रयोदशी श्राद्ध क्या बताता है?

मघा त्रयोदशी श्रेष्ठ पितृ मुक्ति काल है।

#गरुड़ पुराण#त्रयोदशी#विष्णुलोक
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध से विष्णुलोक मिलता है क्या?

हाँ, पितरों को विष्णुलोक गति बताई गई है।

#विष्णुलोक#गरुड़ पुराण#त्रयोदशी
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध से वंध्यत्व दोष मिटता है क्या?

हाँ, संतति बाधा शांति बताई गई है।

#वंध्यत्व#संतान बाधा#त्रयोदशी
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध से वंश वृद्धि होती है क्या?

हाँ, वंश वृद्धि होती है।

#वंश वृद्धि#संतान#त्रयोदशी
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध से पितृ दोष मिटता है क्या?

हाँ, विशेषतः मघा त्रयोदशी पर।

#पितृ दोष#गजाच्छाया#त्रयोदशी
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध से पितरों को क्या मिलता है?

तृप्ति, शांति और विष्णुलोक गति।

#पितृ तृप्ति#विष्णुलोक#त्रयोदशी
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध प्राकृतिक मृत्यु वालों के लिए है क्या?

हाँ, त्रयोदशी-मृत पितरों के लिए।

#प्राकृतिक मृत्यु#त्रयोदशी#श्राद्ध
लोक

चतुर्दशी और त्रयोदशी श्राद्ध में क्या अंतर है?

त्रयोदशी बाल/युवा; चतुर्दशी हिंसक मृत्यु।

#चतुर्दशी#त्रयोदशी#अकाल मृत्यु
लोक

युवावस्था में मृत्यु का श्राद्ध कब करें?

त्रयोदशी तिथि को।

#युवा मृत्यु#त्रयोदशी#श्राद्ध
लोक

यौवन श्राद्ध क्या है?

युवावस्था में मृत व्यक्ति का त्रयोदशी श्राद्ध।

#यौवन श्राद्ध#त्रयोदशी#युवा मृत्यु
लोक

काकबली त्रयोदशी क्या है?

बाल मृतकों के लिए कौवे को अन्न देना।

#काकबली#त्रयोदशी#बाल श्राद्ध
लोक

बाल्यावस्था में मृत बच्चे का श्राद्ध कब करें?

पितृ पक्ष की त्रयोदशी को।

#बाल मृत्यु#त्रयोदशी#काकबली
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में बाल श्राद्ध क्या है?

बाल्यावस्था में मृत बच्चों का त्रयोदशी श्राद्ध।

#बाल श्राद्ध#काकबली#त्रयोदशी
लोक

शंख स्मृति में त्रयोदशी श्राद्ध क्या है?

मघा त्रयोदशी पर मधु-पायस श्राद्ध।

#शंख स्मृति#त्रयोदशी#मधु पायस
लोक

मत्स्य पुराण में त्रयोदशी श्राद्ध क्या है?

मघा त्रयोदशी पर मधु-पायस श्राद्ध।

#मत्स्य पुराण#मधु पायस#त्रयोदशी
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध गया श्राद्ध के समान क्यों है?

गजाच्छाया योग के कारण।

#गया श्राद्ध#गजाच्छाया#त्रयोदशी
लोक

गजाच्छाया योग कब बनता है?

हस्त, मघा और त्रयोदशी/अमावस्या संयोग पर।

#गजाच्छाया#त्रयोदशी#अमावस्या
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में मघा नक्षत्र का क्या महत्व है?

मघा पितरों का नक्षत्र है।

#मघा नक्षत्र#पितर#त्रयोदशी
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध क्यों खास है?

मघा, गजाच्छाया और मधु-पायस के कारण।

#त्रयोदशी#मघा नक्षत्र#गजाच्छाया
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध कब किया जाता है?

पितृ पक्ष की त्रयोदशी को।

#त्रयोदशी#श्राद्ध तिथि#महालय
लोक

बाल्यावस्था में मृत्यु का श्राद्ध कब करें?

त्रयोदशी या अमावस्या को।

#बाल्य मृत्यु#त्रयोदशी#अमावस्या
विशेष मृत्यु श्राद्ध

बच्चे की मृत्यु पर श्राद्ध कब करें?

अविवाहित या बाल्यावस्था में मृत बच्चों का श्राद्ध शास्त्रों के अनुसार पंचमी (भरणी पंचमी) या त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। दोनों तिथियाँ शास्त्रों में निर्धारित हैं और कुलाचार के अनुसार इनमें से किसी एक का चयन किया जा सकता है। यह विशेष कोटि के मृतकों के लिए है।

#बाल्यावस्था मृत्यु#पंचमी#त्रयोदशी
रुद्राभिषेक का सही समय

शिव वास भोजन में होने पर क्या होता है?

शिव वास भोजन में होने पर (षष्ठी, त्रयोदशी) शिव का ध्यान अन्यत्र होता है जिससे सकाम कर्म का फल प्राप्ति कठिन होती है — इन तिथियों को त्याज्य माना गया है।

#भोजन वास#षष्ठी#त्रयोदशी
व्रत

प्रदोष व्रत कैसे रखें शिव पूजा विधि सहित

प्रदोष: त्रयोदशी (दोनों पक्ष)। दिनभर उपवास → प्रदोष काल (सूर्यास्त + ~2.5 घंटे) में शिवलिंग अभिषेक + बिल्वपत्र + 'ॐ नमः शिवाय' 108 बार। सोम प्रदोष = अत्यन्त शुभ, शनि प्रदोष = शनि दोष निवारण। शिव पुराण में माहात्म्य।

#प्रदोष#शिव#त्रयोदशी
शिव पर्व

सोम प्रदोष और शनि प्रदोष में शिव पूजा कैसे अलग होती है?

सोम प्रदोष: सर्वश्रेष्ठ — दूध अभिषेक, चंद्र दोष शांति, मनोकामना, दाम्पत्य सुख। शनि प्रदोष: शनि दोष निवारण — तिल तेल दीपक, सरसों तेल अभिषेक, साढ़ेसाती/ढैय्या मुक्ति। दोनों में प्रदोष काल (संध्या) पूजा समान।

#सोम प्रदोष#शनि प्रदोष#त्रयोदशी
शिव पर्व

प्रदोष काल में शिव पूजा की विशेष विधि क्या है?

प्रदोष काल = सूर्यास्त के आसपास 2.5 घंटे — शिव तांडव करते हैं (स्कन्द पुराण)। त्रयोदशी का प्रदोष विशेष। विधि: जलाभिषेक → पंचामृत → बेलपत्र → 108 जप → स्तोत्र पाठ → कर्पूर आरती। व्रत सूर्योदय-सूर्यास्त, प्रदोष पूजा के बाद खोलें।

#प्रदोष#त्रयोदशी#संध्या
सम्पूर्ण प्रश्नोत्तरी
सभी प्रश्न देखें

10,000+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — श्रेणी, हब और टैग में सजे।

टैग खोज
अन्य टैग देखें

पूजा, मंत्र, साधना, उपाय, ज्योतिष — विषय अनुसार छाँटे गए सभी टैग।

त्रयोदशी — सम्बन्धित प्रश्न — 43 प्रश्न