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त्रिकोण से जुड़े सभी प्रश्न(4)

त्रिकोण पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 4 प्रश्न उपलब्ध हैं।

कुंडली ज्ञान

कुंडली में राजयोग कैसे देखें?

केंद्र(1,4,7,10)+त्रिकोण(1,5,9) स्वामी संबंध=पाराशरी राजयोग। गजकेसरी=गुरु+चंद्र केंद्र। नीच भंग=नीच ग्रह+स्वामी देखे। विपरीत=6/8/12। धन=1,2,5,9,11। फल=दशा+बल पर निर्भर। ⚠️ ज्योतिषी अनिवार्य — बहुत जटिल, स्वयं निर्णय=भ्रम।

#राजयोग#कुंडली#केंद्र
तंत्र हवन

तंत्र में त्रिकोण-वर्गाकार-गोल कुंड किस कार्य के लिए है?

त्रिकोण: शक्ति/देवी (उग्र)। वर्गाकार: शिव/सामान्य (शांति — सर्वप्रचलित)। गोलाकार: विष्णु (धन/पूर्णता)। अर्धचंद्र: चंद्र (शीतलता)। षट्कोण/अष्टकोण: विशेष। योनि: शक्ति।

#कुंड#त्रिकोण#वर्ग
हवन विधि

हवन में कुंड का आकार त्रिकोण गोल या चौकोर कब रखें?

कुंड आकार: चौकोर = शांति/सामान्य गृहस्थ (सर्वाधिक प्रचलित), गोल = ऐश्वर्य/पुष्टि, त्रिकोण = शक्ति/देवी/तांत्रिक (गृहस्थ न करें), अर्धचन्द्र/षट्कोण = उग्र तांत्रिक। सामान्य = चौकोर। शुल्बसूत्र = गणितीय विधान।

#हवन कुंड#त्रिकोण#गोल
तंत्र परिचय

तंत्र और मंत्र में क्या अंतर है?

मंत्र तंत्र का एक अंग है — ध्वनि के माध्यम से देवता का आह्वान। तंत्र = मंत्र + यंत्र + मुद्रा + ध्यान + अनुष्ठान का समग्र विज्ञान है। यंत्र देवता का ज्यामितीय रूप है और मुद्रा शरीर के माध्यम से देवता को जागृत करती है।

#तंत्र मंत्र अंतर#यंत्र#त्रिकोण
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