ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
टैग

त्रीणि पदा विचक्रमे से जुड़े सभी प्रश्न(1)

त्रीणि पदा विचक्रमे पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 1 प्रश्न उपलब्ध हैं।

वैदिक स्वरूप

'त्रीणि पदा विचक्रमे' मंत्र का क्या अर्थ है?

ऋग्वेद (1.22.18): 'त्रीणि पदा विचक्रमे विष्णुर्गोपा अदाभ्यः। अतो धर्माणि धारयन्॥' अर्थ: सृष्टि के रक्षक (गोपाः) भगवान विष्णु तीन कदमों से सम्पूर्ण जगत को नाप लेते हैं और वे ही समस्त धर्मों को धारण करते हैं।

#त्रीणि पदा विचक्रमे#ऋग्वेद मंत्र#धर्म धारण
सम्पूर्ण प्रश्नोत्तरी
सभी प्रश्न देखें

10,000+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — श्रेणी, हब और टैग में सजे।

टैग खोज
अन्य टैग देखें

पूजा, मंत्र, साधना, उपाय, ज्योतिष — विषय अनुसार छाँटे गए सभी टैग।