शिव रूपशिव के पांच मुखों का नाम और दिशा क्या है?सद्योजात (पश्चिम/श्वेत/सृजन), वामदेव (उत्तर/लाल/पालन), अघोर (दक्षिण/नीला/संहार), तत्पुरुष (पूर्व/पीत/तिरोधान), ईशान (ऊर्ध्व/श्वेत/अनुग्रह)। तैत्तिरीय आरण्यक: पंचब्रह्म मंत्र। शिव की 5 क्रियाएं: सृष्टि, स्थिति, संहार, तिरोधान, अनुग्रह।#पंचमुखी#सद्योजात#वामदेव
शिव महिमाशिव के पाँच मुखों के नाम क्या हैं?शिव के पाँच मुखों के नाम हैं — सद्योजात (पश्चिम), वामदेव (उत्तर), तत्पुरुष (पूर्व), अघोर (दक्षिण) और ईशान (ऊर्ध्व)। ये पाँच मुख क्रमशः पाँच दिशाओं और पाँच तत्वों के प्रतीक हैं।#शिव पंचमुख
न्यास विधिशिव के पंचमुखों से संबंधित न्यास मंत्र क्या हैं?शिव के पंचमुख न्यास मंत्र: 'ॐ सद्योजाताय नमः' (पश्चिम भाग), 'ॐ वामदेवाय नमः' (उत्तर भाग) — इन मंत्रों से शिवलिंग पर स्पर्श करके दिव्य खाका तैयार किया जाता है।#पंचमुख#सद्योजात#वामदेव