शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
अभयवरदहस्तः पाशदन्ताक्षमाला सृणिपरशुदधानो मुद्गरं मोदकं च । फलमधिगत सिंहः पञ्चमातङ्गवक्त्रो गणपतिरतिगौरः पातु हेरम्बनामः ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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लाभ एक दृष्टि में
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01
वीरता, प्रबल शत्रुओं का नाश और दुर्बलों की पूर्ण रक्षा
विस्तृत लाभ
वीरता, प्रबल शत्रुओं का नाश और दुर्बलों की पूर्ण रक्षा।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
सर्वसुगन्धिसुलेपितलिङ्गं बुद्धिविवर्धनकारणलिङ्गम्। सिद्धसुरासुरवन्दितलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
ॐ ह्रीं क्ष्रौं श्रीं लक्ष्मी नृसिंहाय नमः।
ॐ श्रीं ह्रीं सरस्वत्यै नमः
जो दुष्टों के दमन हेतु भयंकर परशु (फरसा) धारण करते हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: शत्रुओं से रक्षा) 19।
ॐ शुद्धनीलाञ्जनप्रख्याय नमः।
ॐ नवनीतनटाय नमः