शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ अच्युताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारवैखानस पंच-मूर्ति मंत्र
स्वरूपऐश्वर्य और अपरिवर्तनीय स्वरूप (स्नपन बेर)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
मैं उन भगवान को नमन करता हूँ जिनका कभी पतन नहीं होता (अच्युत)।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भौतिक और आध्यात्मिक संपदा की स्थिरता
विस्तृत लाभ
भौतिक और आध्यात्मिक संपदा की स्थिरता 38।
जप काल
भगवान के अभिषेक (स्नपन) के समय।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ भूतनाथाय नमः।
अवतु माम् ॥ अवतु वक्तारम् ॥ अवतु श्रोतारम् ॥ अवतु दातारम् ॥ अवतु धातारम् ॥ अवानूचानमव शिष्यम् ॥ अव पश्चात्तात् ॥ अव पुरस्तात् ॥ अवोत्तरात्तात् ॥ अव दक्षिणात्तात् ॥ अव चोर्ध्वात्तात् ॥ अवाधरात्तात् ॥ सर्वतो मां पाहि पाहि समन्तात् ॥
तमर्वन्तं न सानसिमरुषं न दिवः शिशुम् । मर्मृज्यन्ते दिवेदिवे ॥
ॐ काशीश्वरमनोरमायै नमः
ॐ आपदुद्धारिण्यै नमः
ॐ वार्धौमैनाकपूजिताय नमः