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शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

नवार्ण (चण्डी) महामंत्र

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारनवार्ण मंत्र / तांत्रिक बीज मंत्र
स्वरूपमहाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती (चामुण्डा)
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

'ऐं' सरस्वती का, 'ह्रीं' लक्ष्मी का, 'क्लीं' काली का बीज है। हे चामुण्डा देवी! आप अविद्या रूपी पाश को काटकर मुझे ज्ञान (विच्चे) प्रदान करें 14।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

समस्त सिद्धियों की प्राप्ति, जीवन में पूर्णता, नकारात्मक ऊर्जा का नाश और मोक्ष की प्राप्ति

विस्तृत लाभ

समस्त सिद्धियों की प्राप्ति, जीवन में पूर्णता, नकारात्मक ऊर्जा का नाश और मोक्ष की प्राप्ति 17।

जप काल

नवरात्रि, प्रतिदिन प्रातः/संध्या, रुद्राक्ष या रक्त-चंदन की माला से 108 बार जप 24।

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