शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
ललिता महात्रिपुरसुन्दरी मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुरसुन्दर्यै नमः॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारश्रीविद्या (षोडशी) मंत्र |
स्वरूपराजराजेश्वरी ललिता महात्रिपुरसुंदरी
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अप्रतिम सौंदर्य, प्रबल आकर्षण, कुण्डलिनी जागरण और सांसारिक ऐश्वर्य
विस्तृत लाभ
अप्रतिम सौंदर्य, प्रबल आकर्षण, कुण्डलिनी जागरण और सांसारिक ऐश्वर्य 15।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
राकायां च सिताष्टम्यां दशम्यां च विशुद्धधीः। एकादश्यां त्रयोदश्यां यः पठेत्साधकः सुधीः॥
जे सकाम नर सुनहिं जे गावहिं। सुख संपति नाना बिधि पावहिं॥
ॐ सत्यवाचे नमः
ॐ अजाय नमः
ॐ वागधिष्ठातृदेव्यै सर्वाङ्गं मे सदाऽवतु। (स्वरूप: वागधिष्ठात्री | लाभ: संपूर्ण शरीर की आध्यात्मिक और भौतिक रक्षा | अर्थ: वाक् की अधिष्ठात्री देवी मेरे संपूर्ण अंगों की रक्षा करें) 8
ॐ साक्षाते नमः