शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ अजिनवासाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपमृगछाला धारी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो एक तपस्वी की भाँति मृगछाला (चर्म) धारण करते हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
वैराग्य
विस्तृत लाभ
वैराग्य
जप काल
संन्यासियों हेतु
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ जामदग्न्याय विद्महे महावीराय धीमहि तन्नो परशुरामः प्रचोदयात्।
ॐ श्रीं महा कालिकायै नमः
ॐ सुरराज्यप्रदः पातु पादौ मे नृहरीश्वरः
ॐ हरिप्रियायै नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये परमात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ नमो हनुमते महारुद्र अवताराय भूत प्रेत डाकिनी शाकिनी किल किल मारी मारी भैरव किल मसान किल मली किल चुड़ैल किल दैत्य किल ब्रह्म राक्षस किल... चल रे चल महा हनुमंते।