शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ अनन्तशक्तये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपशक्तिमान
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अनंत शक्तियों के स्वामी को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अक्षय ऊर्जा और असीम संभावनाओं का द्वार
विस्तृत लाभ
अक्षय ऊर्जा और असीम संभावनाओं का द्वार।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
मयि मेधां मयि प्रजां मय्यग्निस्तेजो दधातु। मयि मेधां मयि प्रजां मयीन्द्र इन्द्रियं दधातु। मयि मेधां मयि प्रजां मयि सूर्यो भ्राजो दधातु॥
प्रतीच्यां उन्मत्त भैरवाय नमः प्रतीच्यां मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
यस्य त्वेतानि चत्वारि वानरेन्द्र यथा तव। धृतिर्दृष्टिर्मतिर्दाक्ष्यं स कर्मसु न सीदति॥
ॐ काञ्चनाभाय नमः
ॐ मालोल नरसिंहाय नमः
ॐ शर्वाण्यै नमः