शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ अनन्ताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपअनंत
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो अनंत हैं (जिनका कोई पार नहीं) 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
असीम ज्ञान
विस्तृत लाभ
असीम ज्ञान
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वज्रनखाय नमः
ॐ जनेश्वराय नमः
सर्वं जगदिदं त्वत्तो जायते ॥ सर्वं जगदिदं त्वत्तस्तिष्ठति ॥ सर्वं जगदिदं त्वयि लयमेष्यति ॥ सर्वं जगदिदं त्वयि प्रत्येति ॥ त्वं भूमिरापोऽनलोऽनिलो नभः ॥ त्वं चत्वारि वाक्पदानि ॥
ॐ वर्णाश्रयप्रदाय नमः
दिग्घस्तिभिः कनककुम्भमुखावसृष्ट स्वर्वाहिनी विमलचारुजलप्लुताङ्गीम्। प्रातर्नमामि जगतां जननीमशेष लोकाधिनाथगृहिणीममृताब्धिपुत्रीम्॥
ॐ देवकीनन्दनाय नमः