शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ अङ्गरागविधायिन्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो कृष्ण के प्रति अनुराग जगाती हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भगवद्-भक्ति में वृद्धि
विस्तृत लाभ
भगवद्-भक्ति में वृद्धि।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
बुद्धिविच्छिन्नचैतन्यमेकं पूर्णमथापरम्। आभासत्वपरं बिम्बभूतमेवं त्रिधा चितिः॥
ॐ वाग्मिने नमः
ॐ नमो बजर का कोठा, जिस पर पिंड हमारा पेठा। ईश्वर कुंजी ब्रह्मा का ताला, मेरे आठों धाम का यती हनुमंत रखवाला।
लक्ष्मीर्हरिप्रिया पद्मा एतन्नामत्रयं स्मरन्। सर्वान्कामानवाप्नोति सत्यं सत्यं हि पद्मज॥
ॐ सुराध्यक्षाय नमः
महो अर्णः सरस्वती प्रचेतयति केतुना। धियो विश्वा विराजति॥