शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ अन्तःकरणवासिन्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो भक्तों के हृदय (अंतःकरण) में वास करती हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मानसिक शून्यता और शांति
विस्तृत लाभ
मानसिक शून्यता और शांति।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कालिकायै नमः
वं ह्रूं ह्रूं कामये देवि बलिहोमप्रिये नमः। उग्रतारे नमो नित्यं त्राहि मां शरणागतम्॥
प्रतीच्यां उन्मत्त भैरवाय नमः प्रतीच्यां मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ॐ मायाश्रयाय नमः
ॐ सर्वभूतहितप्रदायै नमः
श्रियमाक्रष्टुकामानामिदं कवचमुत्तमम्। स जामदग्न्यकवचं नित्यमावर्तयेन्नरः॥