शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ बाहू द्वौ चन्द्रवदना पातु।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकाररक्षा कवच मंत्र;
स्वरूपचन्द्रवदना
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
चंद्रमुखी देवी मेरी दोनों भुजाओं की रक्षा करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अंग: दोनों बाहुओं (भुजाओं) की रक्षा
विस्तृत लाभ
अंग: दोनों बाहुओं (भुजाओं) की रक्षा।
टिप्पणी
इस कवच के मंत्रों को न्यास (शरीर के अंगों को स्पर्श करते हुए) के रूप में जपा जाता है।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ शरणागतवत्सलाय नमः
ॐ अनेकविभवे नमः।
सहस्राणि सहस्रशो ये रुद्रा अधि भूम्याम्। तेषां सहस्रयोजनेऽवधन्वानि तन्मसि॥
ॐ नमो हनुमते महारुद्र अवताराय भूत प्रेत डाकिनी शाकिनी किल किल मारी मारी भैरव किल मसान किल मली किल चुड़ैल किल दैत्य किल ब्रह्म राक्षस किल... चल रे चल महा हनुमंते।
ॐ शौरये नमः
ॐ कबन्धमालाभरणायै नमः