शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ भीमसेनसहायकृते नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपभीम-सखा
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
महाभारत में भीमसेन की ध्वजा पर बैठकर सहायता करने वाले को नमन।
जप काल
नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ महाकर्णाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि । तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ॥
ॐ अनेकनेत्राय नमः।
ॐ कारणोपात्तदेहाय नमः
तब जनक पाइ बसिष्ठ आयसु ब्याह साजि सँवारि कै। मांडवी श्रुतकीरति उरमिला कुँअरि लईं हँकारि कै॥
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥
दुर्गेष्वटव्याजिमुखादिषु प्रभुः पायान्नृसिंहोऽसुरयूथपारिः। विमुञ्चतो यस्य महाट्टहासं दिशो विनेदुर्न्यपतंश्च गर्भाः॥