शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ चक्रधराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपचक्रधर
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अधर्म का नाश करने वाले चक्रधारी को नमन।
जप काल
युद्ध या भीषण संघर्ष के समय
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
सर्वाबाधाविनिर्मुक्तो धनधान्यसुतान्वितः। मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः॥ 17
ॐ वेणुनादविशारदाय नमः
ॐ गोलोकधामिन्यै राधायै नमः
देवगणार्चितसेवितलिङ्गं भावैर्भक्तिभिरेव च लिङ्गम्। दिनकरकोटिप्रभाकरलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
ॐ नारसिंहाय नमः
नमो भगवते फट् भैरवाय... आकर्षय-2 आवेशय-2 मोहय-2 भ्रामय-2... ह्रां ह्रीं त्रिपुरतांडवाय अष्टभैरवाय भाषय-2 स्वाहा।