शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ चक्रराजाय स्वाहा – हृदयाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपहृदय-न्यास / चक्रराज
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सुदर्शन चक्रराज को स्वाहा, वे मेरे हृदय में स्थापित हों। (साधना पूर्व ऊर्जा का केन्द्रीकरण)।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
वेदस्य म आणीस्थः श्रुतं मे मा प्रहासीरनेनाधीतेनाहोरात्रान्सन्दधाम्यृतं वदिष्यामि सत्यं वदिष्यामि॥
ॐ उमासुताय नमः
ॐ ह्रीं बटुकाय मम अकाल मृत्यु निवारय निवारय बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
जो भक्तों के हृदय में रमण करने वाले भगवान राम (भार्गव राम) हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: आंतरिक शांति) 19।
ॐ विश्वतोवदनायै नमः
ॐ क्लीं कृष्णाय राधिकायै श्रेयं नमः