शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ डम्भाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपदम्भ-नाशक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
दैत्यों का दम्भ (अहंकार) चूर्ण करने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
विरोधियों के मिथ्या अहंकार का टूटना
विस्तृत लाभ
विरोधियों के मिथ्या अहंकार का टूटना।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
वसुन्धरे श्री वसुधे वसुदोग्ध्रे कृपामयि! त्वत्कुक्षिगतं सर्वस्वं शीघ्रं मे त्वं प्रदर्शय॥
ॐ पारिजातद्रुमूलस्थाय नमः
ॐ ह्रीं जिह्वाग्रवासिन्यै स्वाहाऽग्निदिशि रक्षतु। (अर्थ: जिह्वाग्र में बसने वाली देवी आग्नेय कोण में रक्षा करें) 8
ॐ परशुहस्ताय नमः
ॐ सत्याय नमः
ॐ दाशरथाय विद्महे सीतावल्लभाय धीमहि तन्नो रामः प्रचोदयात्