शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ दान्ताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपक्षमाशील
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अत्यंत क्षमाशील, शांत और अपनी इंद्रियों का दमन करने वाले भगवान को नमन।
जप काल
नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।
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ॐ पशुपालाय नमः
ध्यायेच्च तामस क्षत्र रुधिर रक्त परश्वधम्। रक्त नेत्रं करस्थं ब्रह्म सूत्रं यम प्रभम्॥
देव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्या निश्शेषदेवगणशक्तिसमूहमूत्र्या। तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यां भक्त्या नताः स्म विदधातु शुभानि सा नः॥ 18