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शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

सौभाग्य एवं आरोग्य प्रदाता मंत्र

देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्। रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारस्तोत्र-मंत्र / कामना पूर्ति
स्वरूपभगवती दुर्गा
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

हे देवी! मुझे सौभाग्य और आरोग्य दें, परम सुख दें। मुझे रूप (सौंदर्य) दें, जय दें, यश दें और मेरे शत्रुओं का नाश करें।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

सौंदर्य, विजय, यश, उत्तम स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति

विस्तृत लाभ

सौंदर्य, विजय, यश, उत्तम स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति 31।

जप काल

प्रतिदिन स्नानोपरांत तुलसी या चंदन की माला से 108 बार।

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