शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ दुर्योधनकुलान्तकाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपकौरव-कुल-नाशक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
दुर्योधन के कुल (कौरवों) का अन्त करने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अधर्म के नाश हेतु
विस्तृत लाभ
अधर्म के नाश हेतु
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
कांसोस्मितां हिरण्यप्राकारामार्द्रां ज्वलन्तीं तृप्तां तर्पयन्तीम्। पद्मे स्थितां पद्मवर्णां तामिहोपह्वये श्रियम्॥
नैऋत्ये क्रोध भैरवाय नमः नैऋत्ये मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ॐ भार्गवरामाय नमः
ॐ सर्वमायाविभञ्जनाय नमः
त्वं वैष्णवी शक्तिरनन्तवीर्या विश्वस्य बीजं परमासि माया। सम्मोहितं देवि समस्तमेतत् त्वं वै प्रसन्ना भुवि मुक्तिहेतुः॥ 36
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये चराचरात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः