शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ गङ्गाधराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपगंगाधर
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो जटाओं में पवित्र गंगा धारण करते हैं 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
चित्त की निर्मलता
विस्तृत लाभ
चित्त की निर्मलता
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ब्रह्मस्वरूपा परमा ज्योतिरूपा सनातनी। सर्वविद्याधिदेवी या तस्यै वाण्यै नमो नमः॥
ॐ मायिने नमः
अग्रतश्चतुरो वेदान् पृष्ठतः सशरं धनुः। उभाभ्यां च समर्थोऽहं शापादपि शरादपि॥
ॐ खरध्वंसिने नमः
ॐ दुर्गनिहन्त्र्यै नमः
ॐ नमो हनुमते महारुद्र अवताराय भूत प्रेत डाकिनी शाकिनी किल किल मारी मारी भैरव किल मसान किल मली किल चुड़ैल किल दैत्य किल ब्रह्म राक्षस किल... चल रे चल महा हनुमंते।