शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हेरंब बीज मंत्र
ॐ गुं नमः ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारतांत्रिक बीज मंत्र
स्वरूपहेरंब गणपति
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
बीजाक्षर 'गुं' हेरंब स्वरूप का नाद है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
दुर्बलों की पूर्ण रक्षा, अपार साहस और तेज की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
दुर्बलों की पूर्ण रक्षा, अपार साहस और तेज की प्राप्ति।
जप काल
भय की स्थिति में मानसिक जप।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ महावीर्याय नमः
पञ्चमं स्कन्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च। सप्तमं कालरात्रीति महागौरीति चाष्टमम्॥ नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गाः प्रकीर्तिताः।
ॐ आत्मवते नमः
ॐ वनमालिने नमः
ॐ क्लीं वीं रूं ध्रूं घ्नीं ह्रीं बटुक भैरवाय नमः स्वाहा।
पवन तनय बल पवन समाना। (यह हनुमान जी की शक्ति का आह्वान कर न्याय प्राप्त करने हेतु है)।