शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ ह्रीं राधिकायै नमः / ॐ राधायै स्वाहा।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारराधा-लक्ष्मी मंत्र
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिस प्रकार भ्रमरी तमाल वृक्ष का आश्रय लेती है, उसी प्रकार श्री हरि के शरीर का आश्रय लेने वाली मंगल-देवता लक्ष्मी की कृपा-दृष्टि मेरे लिए मंगलदायिनी हो। *
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
प्रेम, करुणा और सर्वोच्च भक्ति
02
ब्रह्मवैवर्त पुराण (प्रकृति खंड) के अनुसार राधा ही मूल-प्रकृति और साक्षात् महालक्ष्मी हैं, जो कृष्ण की ह्लादिनी शक्ति हैं
विस्तृत लाभ
प्रेम, करुणा और सर्वोच्च भक्ति। ब्रह्मवैवर्त पुराण (प्रकृति खंड) के अनुसार राधा ही मूल-प्रकृति और साक्षात् महालक्ष्मी हैं, जो कृष्ण की ह्लादिनी शक्ति हैं 55।
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