शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ इन्द्राय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपस्वामी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सभी इन्द्रियों और लोकों के परम स्वामी हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
इन्द्रिय निग्रह
विस्तृत लाभ
इन्द्रिय निग्रह
जप काल
नित्य
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अघोरेभ्योऽथ घोरेभ्यो घोरघोरतरीभ्यश्च। सर्वतः शर्व सर्वेभ्यो नमस्ते रुद्ररूपेभ्यः॥
ॐ महागणेशाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि । तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ॥
ग्लौं ॐ रामाय नमः
ॐ प्रभवे नमः
ॐ नमो भगवते नरसिंहाय नमस्तेजस्तेजसे आविराविर्भव वज्रनख वज्रदंष्ट्र कर्माशयान् रन्धय रन्धय तमो ग्रस ग्रस ॐ स्वाहा। अभयमभयमात्मनि भूयिष्ठा ॐ क्ष्रौम्॥
ॐ भुवनेश्वर्यै नमः