माँ दुर्गा मंत्र
ॐ जगन्मयाय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जिनकी माया के कारण यह नाशवान संसार भी वास्तविक प्रतीत होता है, उन्हें नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
माया के भ्रम-जाल (Illusion) से निवृत्ति और सत्य के वास्तविक स्वरूप का बोध
विस्तृत लाभ
माया के भ्रम-जाल (Illusion) से निवृत्ति और सत्य के वास्तविक स्वरूप का बोध।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तोः स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि। दारिद्र्यदुःखभयहारिणि का त्वदन्या सर्वोपकारकरणाय सदार्द्रचित्ता॥ 18
वासुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम् । देवकीपरमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम् ॥
ॐ सदाम्बिकायै स्वाहा वायव्ये मां सदाऽवतु। (अर्थ: सदाम्बिका देवी वायव्य कोण में रक्षा करें) 8
ॐ गं ग्लौं श्रौं ग्लौं गं ॐ नमः
स्वस्ति श्रीगणनायको गजमुखो मोरेश्वरः सिद्धिदः बल्लाळस्तु विनायकस्तथा मढे चिन्तामणिस्थेवर । लेण्याद्रौ गिरिजात्मजः सुवरदो विघ्नेश्वरश्चोझरे ग्रामे रांजणसंस्थितो गणपतिः कुर्यात् सदा मङ्गलम् ॥
ॐ नमो भगवते संहार भैरवाय भूत प्रेत पिशाच ब्रह्म राक्षसान् उच्चाटय उच्चाटय संहारय संहारय सर्व भय छेदनं कुरु कुरु स्वाहा।