माँ दुर्गा मंत्र
ॐ जामदग्न्यमहादर्पदलनाय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जिन्होंने परशुराम (जमदग्नि पुत्र) के महान गर्व और क्रोध को शांत किया।
इस मंत्र से क्या होगा?
इन 108 मंत्रों का शृंखलाबद्ध पाठ शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है
दरिद्रता व नकारात्मकता का नाश करता है
और अंततः वैकुण्ठ की प्राप्ति सुनिश्चित करता है
विस्तृत लाभ
इन 108 मंत्रों का शृंखलाबद्ध पाठ शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है; दरिद्रता व नकारात्मकता का नाश करता है; और अंततः वैकुण्ठ की प्राप्ति सुनिश्चित करता है।
जप काल
नित्य प्रातः या गोधूलि वेला में, तुलसी या रुद्राक्ष की माला से अनुष्ठानिक पाठ।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कमलासनवासिन्यै नमः
ऐं ह्रीं श्रीं क्रौं हौं ह्रूं क्षूं त्रिकालाग्नि भैरवाय क्षूं ह्रूं हौं क्रौं श्रीं ह्रीं ऐं नमः।
ॐ अखिलानन्दिन्यै नमः
योगीश्वरो महासेनः कार्तिकेयोऽग्निनन्दनः । स्कन्दः कुमारः सेनानीः स्वामी शङ्करसम्भवः ॥
ॐ वैशाखशुक्लभूतोत्थाय नमः
घोर रूपे महारावे सर्वशत्रु भयङ्करि। भक्तेभ्यो वरदे देवि त्राहि मां शरणागतम्॥