शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ कञ्जलोचनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपराजीव-लोचन
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
कमल (कंज) के समान नेत्रों वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
नेत्र-ज्योति हेतु
विस्तृत लाभ
नेत्र-ज्योति हेतु
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रीं बटुकाय मम नज़र दोष निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
कांसोस्मितां हिरण्यप्राकारामार्द्रां ज्वलन्तीं तृप्तां तर्पयन्तीम्। पद्मे स्थितां पद्मवर्णां तामिहोपह्वये श्रियम्॥
सभासु वदतां श्रेष्ठो राज्ञां भवति च प्रियः। वैदिकं तान्त्रिकं चैव मान्त्रिकं ज्ञानमुत्तमम्॥
यस्य त्वेतानि चत्वारि वानरेन्द्र यथा तव। धृतिर्दृष्टिर्मतिर्दाक्ष्यं स कर्मसु न सीदति॥
ॐ भगनेत्रभिदे नमः
ॐ त्रिककुब्धाम्ने नमः