शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ कीलिकायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
समस्त ब्रह्मांड की धुरी (कीलक) स्वरूपा को नमन 17।
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ॐ परब्रह्मणे नमः
ॐ कपालमालिने नमः।
ब्रह्मासि रुद्रस्त्वमिन्द्रस्त्वमग्निस्त्वं वायुस्त्वं सूर्यस्त्वं चन्द्रमास्त्वं ब्रह्मभूर्भुवःस्वरोम्॥
ॐ अमलायै नमः
धृत पाशाङ्कुश कल्पलता स्वरदश्च बीजपूरयुतः । शशिशकल कलितमौली त्रिलोचनोऽरुणश्च गजवदनः ॥ भासुरभूषण दीप्तो बृहदुदर पद्म विष्टरोल्लसितः । विघ्नपयोधरपवनः करधृत कमलः सदास्तु भूत्यै ॥
ॐ कालकण्टकघातिन्यै नमः