शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कालिका मूल मंत्र
ॐ क्रीं कालिकायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारतांत्रिक मूल मंत्र
स्वरूपकालिका
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
देवी कालिका को मेरा भक्तिपूर्ण नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सांसारिक कष्टों का शमन
विस्तृत लाभ
सांसारिक कष्टों का शमन।
जप काल
अमावस्या या मंगलवार/शुक्रवार की रात्रि में जप।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ह्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा ओष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: होठों और उच्चारण स्थान की रक्षा | अर्थ: विद्या की अधिष्ठात्री देवी मेरे होंठों की सदा रक्षा करें) 8
ॐ ह्रीं ह्रीं साफल्यायै सिद्धये ॐ नमः
अट्टहासभिन्नपद्मजाण्डकोशसन्ततिं दृष्टिपातनष्टपापजालमुग्रशासनम्।
ॐ श्रीनिवासाय नमः
ॐ भारत्यै नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये कालान्तकात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः