शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ ललितायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारशतनाम मंत्र |
स्वरूपआदिशक्ति भवानी |
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अत्यंत सुंदर, मनोहर और लावण्यमयी
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्वांगीण विकास एवं दरिद्रता नाश)
विस्तृत लाभ
सर्वांगीण विकास एवं दरिद्रता नाश)
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्ववर्णात्मिकायै पादयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: सर्ववर्णात्मिका | लाभ: दोनों पैरों की रक्षा | अर्थ: समस्त अक्षर-स्वरूपा देवी मेरे पैरों की रक्षा करें) 8
ॐ श्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै महालक्ष्म्यै एह्येहि सर्वसौभाग्यं देहि मे स्वाहा।
वेताल शक्ति शर कार्मुक चक्र खट्वाङ्ग मुद्गर गदाम् अङ्कुश नागपाशान् । शूलं च कुन्तं परशुं ध्वजमुद्वहन्तं वीरं गणेशमरुणं सततं स्मरामि ॥
ॐ त्रिवृत्ततनयाय नमः।
ॐ रां रां ॐ रां रां परशुहस्ताय नमः
ॐ कर्पूरामृतपायिन्यै नमः