ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

काली गायत्री मंत्र

ॐ महा काल्यै च विद्महे श्मशान वासिन्यै च धीमहि तन्नो काली प्रचोदयात

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारगायत्री मंत्र
स्वरूपमहाकाली
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

हम महाकाली को जानते हैं, श्मशानवासिनी का हम ध्यान करते हैं। वह काली हमारी चेतना को प्रकाशित करें।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

मन का शुद्धीकरण, दिव्य ज्ञान का प्रकटीकरण

विस्तृत लाभ

मन का शुद्धीकरण, दिव्य ज्ञान का प्रकटीकरण।

जप काल

नित्य संध्योपासना में 108 बार जप।

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