काली गायत्री मंत्र
ॐ महा काल्यै च विद्महे श्मशान वासिन्यै च धीमहि तन्नो काली प्रचोदयात
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
हम महाकाली को जानते हैं, श्मशानवासिनी का हम ध्यान करते हैं। वह काली हमारी चेतना को प्रकाशित करें।
इस मंत्र से क्या होगा?
मन का शुद्धीकरण, दिव्य ज्ञान का प्रकटीकरण
विस्तृत लाभ
मन का शुद्धीकरण, दिव्य ज्ञान का प्रकटीकरण।
जप काल
नित्य संध्योपासना में 108 बार जप।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ चन्द्रवदनायै नमः
ॐ ह्रः ॐ सौं ॐ वैं ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीजयजय चण्डिकायै नमः। ॐ स्वीं स्वीं विध्वंसय विध्वंसय ॐ प्लूं प्लूं प्लावय प्लावय... (अति विस्तृत तांत्रिक शृंखला)... ॐ चामुण्डायै विच्चे स्वाहा। मम सकल मनोरथं देहि देहि, सर्वोपद्रवं निवारय निवारय... भञ्जय भञ्जय ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वाहा॥
ॐ मूर्त्यै नमः
ॐ विधात्रे नमः
हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे। हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे॥
ॐ शूराय नमः