ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

माँ दुर्गा मंत्र

ॐ महात्मने नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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स्वरूपपरब्रह्म
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

जो क्षुद्रताओं से परे, एक महान आत्मा (परब्रह्म) हैं, उन्हें नमस्कार है।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

संकीर्ण विचारों, क्षुद्रता और ईर्ष्या-द्वेष जैसी मानसिक बीमारियों से मुक्ति

विस्तृत लाभ

संकीर्ण विचारों, क्षुद्रता और ईर्ष्या-द्वेष जैसी मानसिक बीमारियों से मुक्ति।

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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र

ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये महादेवतः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः

आस्तेऽद्यापि महेन्द्राद्रौ न्यस्तदण्डः प्रशान्तधीः। उपगीयमानचरितः सिद्धगन्धर्वचारणैः॥

ॐ गुरुजी को आदेश गुरुजी को प्रणाम, धरती माता धरती पिता, धरती धरे ना धीर बाजे श्रृंगी बाजे तुरतुरी आया गोरखनाथ मीन का पूत मुंज का छड़ा लोहे का कड़ा हमारी पीठ पीछे यती हनुमंत खड़ा, शब्द सांचा पिंड काचा फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।

ॐ वागधिष्ठातृदेव्यै सर्वाङ्गं मे सदाऽवतु। (स्वरूप: वागधिष्ठात्री | लाभ: संपूर्ण शरीर की आध्यात्मिक और भौतिक रक्षा | अर्थ: वाक् की अधिष्ठात्री देवी मेरे संपूर्ण अंगों की रक्षा करें) 8

ॐ लोकसुन्दर्यै नमः

ॐ कृष्णपिङ्गाक्षाय हुं