बटुक भैरव वशीकरण मंत्र
ॐ नमो बटुक भैरवाय कामदेवाय यस्य यस्य दृश्यो भवामि यश्च यश्च मम सुखं तं तं मोहयतु स्वाहा।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
कामदेव के समान आकर्षक बटुक भैरव, मैं जिन्हें भी देखूं वे सभी मेरे प्रति आकर्षित हों।
इस मंत्र से क्या होगा?
सर्व-जन आकर्षण, कार्य-सिद्धि, और भौतिक लक्ष्यों की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
सर्व-जन आकर्षण, कार्य-सिद्धि, और भौतिक लक्ष्यों की प्राप्ति 21।
जप काल
तांत्रिक साधना विधि के अंतर्गत गुरु-निर्देशन में 7।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रः ॐ सौं ॐ वैं ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीजयजय चण्डिकायै नमः। ॐ स्वीं स्वीं विध्वंसय विध्वंसय ॐ प्लूं प्लूं प्लावय प्लावय... (अति विस्तृत तांत्रिक शृंखला)... ॐ चामुण्डायै विच्चे स्वाहा। मम सकल मनोरथं देहि देहि, सर्वोपद्रवं निवारय निवारय... भञ्जय भञ्जय ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वाहा॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये देवीसरस्वती तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ क्रौं कल्किदेवाय नमः
ॐ सुरारिभिदे नमः
ॐ नन्दिन्यै नमः
ह्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा ओष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: होठों और उच्चारण स्थान की रक्षा | अर्थ: विद्या की अधिष्ठात्री देवी मेरे होंठों की सदा रक्षा करें) 8